AI: क्रिप्टो अपनाने का उत्प्रेरक
कल्पना कीजिए, आपके पास एक व्यक्तिगत ट्रेडिंग बॉट है जो चौबीसों घंटे बाजारों का विश्लेषण करता है और बिना भावनात्मक गलतियों के स्वचालित रूप से ट्रेडिंग करता है। अथवा एक DeFi प्लेटफार्म जो AI-संचालित जोखिम विश्लेषण के कारण बड़े हैक्स से बचा रहता है। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स जो मशीन लर्निंग द्वारा लगातार स्वयं को अनुकूलित करते रहते हैं? यह विज्ञान कथा जैसा लगता है, मगर यही हकीकत बन सकती है।
फिडेलिटी डिजिटल एसेट्स ने तीन ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है जहाँ AI क्रिप्टो जगत को बदल सकता है:
1. व्यापार: AI एजेंट ट्रेडिंग को हर किसी के लिए सुलभ बना सकते हैं। प्लेटफार्म जैसे नूमेराई या चेनलिंक पहले से ही इस पर प्रयोग कर रहे हैं।
2. अवसंरचना: AI ब्लॉकचेन को तेज, सस्ता और सुरक्षित बना सकता है – चाहे वह अनुकूलित सहमति तंत्र हो अथवा नोड संचालन।
3. उपयोगकर्ता अनुभव: कल्पना कीजिए एक क्रिप्टो सहायक का, जो आपकी वॉलेट को प्रबंधित करता है, लेन-देन की व्याख्या करता है अथवा एक व्यक्तिगत सलाहकार के रूप में कार्य करता है।
बहुत शानदार लगता है, है ना? मगर यहाँ एक चिंता की बात है: AI द्वारा उत्पन्न अधिकांश मूल्य ब्लॉकचेन को पार कर सकता है।
असली सवाल: इसका लाभ किसे मिलेगा?
फिडेलिटी के विश्लेषण से पता चलता है कि AI सिस्टम ब्लॉकचेन पर आधारित हो सकते हैं, मगर उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है। कई AI अनुप्रयोग केंद्रीकृत सर्वरों अथवा क्लाउड पर चलते हैं – और केवल भुगतान निपटान के लिए ब्लॉकचेन का उपयोग करते हैं। एक AI ट्रेडिंग बॉट जो केंद्रीकृत प्लेटफार्म पर चलता है, हो सकता है बिटकॉ
इन अथवा एथेरियम का उपयोग लेन-देन के लिए करे, मगर वास्तविक मूल्य-सृजन उस स्वामित्व वाली सॉफ्टवेयर में होता है।
और भी चिंताजनक स्थिति तब उत्पन्न होती है जब AI सिस्टम को ब्लॉकचेन की आवश्यकता ही न हो। विकेंद्रीकृत स्वायत्त संगठन (DAOs) सीधे उपयोगकर्ताओं के साथ बातचीत कर सकते हैं, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के बिना। ऐसे मामलों में टोकन्स अथवा ब्लॉकचेन नेटवर्क बेकार हो जाते हैं।
क्रिप्टो अर्थव्यवस्था पर परिणाम
इसका निवेशकों, डेवलपर्स और डिजिटल मुद्रा के भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
1. ब्लॉकचेन टोकन्स का महत्व घटना:
यदि AI अनुप्रयोग देशी ब्लॉकचेन टोकन्स के बिना कार्य कर सकते हैं, तो इन एसेट्स की मांग घट सकती है। अगर नवाचार एक केंद्रीकृत AI समाधान में हो रहा है, तो एथेरियम में निवेश करने का क्या अर्थ है?
2. टेक कॉरपोरेशन्स में शक्ति का केंद्रीकरण:
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट अथवा फेच.एआई जैसे विशेषीकृत क्रिप्टो फर्म्स AI-क्रिप्टो इंटरैक्शन पर नियंत्रण रख सकते हैं। यह कई ब्लॉकचेन उत्साही लोगों की विकेंद्रीकृत दृष्टि को कमजोर करता है।
3. नियामक धूसर क्षेत्र:
ब्लॉकचेन रहित AI सिस्टम का नियंत्रण करना कठिन होता है। जहाँ क्रिप्टो एक्सचेंज और DeFi प्रोटोकॉल्स पहले से ही सख्त नियमों के अधीन हैं, वहीं पूर्णतः AI-आधारित सेवाएं कानूनी धूसर क्षेत्र में काम कर सकती हैं।
4. निवेश के नए अवसर:
अब निवेशक ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल्स में पैसा लगाने के बजाय AI अवसंरचना, डेटा प्लेटफार्म्स अथवा स्वामित्व एल्गोरिदम में निवेश कर सकते हैं। टोकन्स जैसे AGIX अथवा FET अब ब्लॉकचेन आधार के बजाय AI सेवाओं तक पहुँच प्रदान करने वाले कुंजियों के रूप में कार्य कर सकते हैं।
ब्लॉकचेन कैसे प्रासंगिक बनी रहे?
जोखिमों के बावजूद, ऐसे तरीके हैं जिनसे AI-प्रधान भविष्य में भी ब्लॉकचेन एक केंद्रीय भूमिका निभा सकता है:
- AI ब्लॉकचेन उपयोग को बढ़ावा दे:
प्रोजेक्ट्स जैसे बिटटेंसर अथवा जेन्सिन दिखाते हैं कि AI ब्लॉकचेन पर आधारित हो सकता है – उदाहरण के लिए विकेंद्रीकृत AI प्रशिक्षण प्रणालियों के लिए।
- AI संसाधनों का टोकनाइजेशन:
AI सेवाओं को केंद्रीय रूप से प्रदान करने के बजाय प्लेटफार्म टोकन-आधारित मॉडल अपना सकते हैं,
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