अनिश्चित जल में साहसिक कदम
कि एस्बरबैंक ही इस ओर अग्रसर है, यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं है। सालों से मैंने देखा है कि रूसी वित्तीय क्षेत्र बिटकॉइन, एथेरियम और अन्य क्रिप्टोकरेंसी को लेकर मिले-जुले भाव रखता आया है। कई बैंक हिचकिचाते हैं, मगर एस्बरबैंक आगे बढ़ रहा है। पोपोव के अनुसार, बैंक अपनी खुद की क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म शुरू करने और साथ ही एथेरियम जैसे डिजिटल एसेट्स या स्टेबलकॉइन USDT (टेदर) के बदले ऋण देने की योजना बना रहा है।
“अगर कानूनी ढांचा तैयार हो जाता है, तो हम अपने ऋण पोर्टफोलियो में कrypto-सिक्योर्ड लोन को शामिल करेंगे,” पोपोव ने कहा। यह न सिर्फ रूस में पहली बार होगा, बल्कि दुनिया भर के बड़े वित्तीय संस्थानों में भी ऐसे उत्पादों की शुरुआत करने वाले शुरुआती संस्थानों में से एक होगा। पहले साल में 4 ट्रिलियन रूबल के प्रस्तावित कारोबारी वॉल्यूम से साफ है: एस्बरबैंक पूरी ताकत से क्रिप्टो बाज़ार में उतर रहा है, चाहे रूस में डिजिटल करेंसी को लेकर अभी भी संदेह क्यों न हो।
बड़ी अनिश्चितता: हरी झंडी कौन देगा?
हालांकि ये योजनाएं काफी आशाजनक हैं, मगर ये रूसी नियामकीय नीतियों के ताने-बाने पर टिकी हैं। अभी तक रूस में क्रिप्टोकरेंसी की कानूनी स्थिति अस्पष्ट है। जहां कुछ राजनीतिज्ञ, जैसे वित्त उपमंत्री अलेक्सेई मोइसेजेव, उदार रवैया अपनाने के पक्ष में हैं, वहीं कई लोगों में आज भी गंभीर आपत्तियां हैं। रूसी केंद्रीय बैंक लंबे समय से क्रिप्टोकरेंसी के व्यापक इस्तेमाल के खिलाफ रहा है और इसके बजाय डिजिटल रूबल पर जोर दे रहा है।
फिर भी, एस्बरबैंक जोखिम उठाने को तैयार दिखाई दे रहा है। पोपोव ने जोर दिया कि वे अधिकारियों के साथ मिलकर क्रिप्टो ट्रेडिंग और ऋण के लिए कान
ूनी ढांचा तैयार करने के लिए काम कर रहे हैं। अगर यह सफल होता है, तो बैंक न सिर्फ अपने कारोबार का विस्तार कर सकता है, बल्कि पूरे रूसी वित्तीय बाज़ार को डिजिटल संपत्तियों की ओर मोड़ सकता है।
एथेरियम और USDT क्यों?
एस्बरबैंक द्वारा एथेरियम और USDT को सुरक्षा के तौर पर चुनना कोई संयोग नहीं है। बिटकॉइन के बाद एथेरियम दूसरी सबसे महत्वपूर्ण ब्लॉकचेन है, जो स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के माध्यम से अतिरिक्त उपयोगिता प्रदान करती है। वहीं, USDT दुनिया का सबसे बड़ा स्टेबलकॉइन है, जिसकी (सैद्धांतिक) 1:1 अमेरिकी डॉलर से बंधी होने के कारण कर्जदारों के लिए जोखिम काफी कम हो जाता है।
“क्रिप्टो विश्लेषिका ओल्गा पेत्रोवा बताती हैं, ‘एस्बरबैंक ने इस तरह से अपने जोखिम कम कर लिए हैं, वहीं व्यापारियों से लेकर दीर्घकालिक निवेशकों तक एक व्यापक ग्राहक वर्ग को भी आकर्षित किया है।’ एक चालाक चाल।”
अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी भी सोए नहीं हैं
एस्बरबैंक अपने इन लक्ष्यों में अकेला नहीं है। स्विस SEBA Crypto और जर्मन Bankhaus von der Heydt जैसी अंतरराष्ट्रीय बैंक पहले से ही क्रिप्टो सेवाएं दे रही हैं। मगर जहां ये संस्थान अक्सर छोटे बाज़ारों को लक्ष्य करते हैं, एस्बरबैंक अपने प्रस्तावित वॉल्यूम के साथ एक कदम आगे बढ़ रहा है। अगर यह परियोजना सफल होती है, तो रूसी बैंक न सिर्फ घरेलू बाज़ार पर राज कर सकता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक गंभीर खिलाड़ी के रूप में उभर सकता है।
हालांकि प्रतियोगिता कड़ी है। “एस्बरबैंक को सरकारी समर्थन और विशाल संसाधनों का फायदा है,” वित्त विशेषज्ञ दिमित्री वोल्कोव कहते हैं। “लेकिन क्या वह बिनांस या कॉइनबेस जैसे स्थापित क्रिप्टो एक्सचेंजों का मुकाबला कर पाएगी, यह अभी देखना बाकी है।”
क्या यह रूस के लिए एक मील का पत्थर बनेगा – या एक जोखिम भरा साहसिक कदम?
एस्बरबैंक की योजनाएं वास्तव में रूसी वित्तीय क्षेत्र को बदल सकती हैं। अगर बैंक अपने क्रिप्टो परियोजनाओं को योजना अनुसार पूरा कर लेता है, तो इससे देश में डिजिटल संपत्तियों की स्वीकृति तेज़ हो सकती है और अन्य बैंकों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
हालांकि चुनौतियां भी बहुत बड़ी हैं: नियामकीय अनिश्चितता, तकनीकी बाधाएं और रूसियों में क्रिप्टोकर
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