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रणनीति: छलावा और तकनीकी चालें
हैकर्स एक शास्त्रीय रणनीति अपनाते हैं: पहले विश्वास जीतना, फिर हमला करना। उन्होंने शुरुआत में उपयोगी दिखने वाले एक्सटेंशन्स प्रकाशित किए – जैसे स्पोर्ट्स स्कोर या मौसम डेटा के लिए – और यहां तक कि सकारात्मक रेटिंग और कई डाउनलोड भी हासिल किए। मगर असली चाल तब आई जब बाद के संस्करणों में छिपे मालवेयर के हिस्से शामिल किए गए। स्वचालित अपडेट्स के माध्यम से उपयोगकर्ताओं के डिवाइस संक्रमित हो गए बिना उन्हें पता चले। उन सभी के लिए यह एक वास्तविक दुःस्वप्न था जिन्होंने अपने वॉलेट सीक्रेट्स (सीड फ्रेज या प्राइवेट कीज़) को ब्राउज़र एक्सटेंशन्स में स्टोर किया हुआ था।
ये एक्सटेंशन्स कितनी चालाकी से खुद को छिपाने में कामयाब रहे, इसका तरीका भी काफी परिष्कृत था:
- गतिशील कोड इंजेक्शन: हानिकारक कोड डाउनलोड करने के बाद ही सक्रिय होता था और अपनी सिग्नेचर लगातार बदलता रहता था।
- सैंडबॉक्स चेक्स: मालवेयर यह परीक्षण करता था कि क्या वह टेस्टिंग वातावरण में चल रहा है, इससे पहले कि वह अपना असली काम शुरू करे।
- लक्षित हमले: ये एक्सटेंशन्स ब्राउज़र स्टोरेज में MetaMask, Phantom या Trust Wallet जैसे लोकप्रिय वॉलेट्स से जुड़ी फाइलों की तलाश करते थे और उस डेटा को बाहरी सर्वर्स पर भेज देते थे।
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परिणाम: चुराए गए सीक्रेट्स का जोखिम बना रहता है
Socket ने महीनों तक इस अभियान की निगरानी की और 10 जून 2024 को एक विस्तृत विश्लेषण प्रकाशित किया। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि इन एक्सटेंशन्स को अनइंस्टॉल करने के बाद भी वॉलेट सीक्रेट्स जोखिम में बने रहते हैं। क
ई उपयोगकर्ताओं ने अपनी सीड फ्रेज या प्राइवेट कीज़ सीधे इन एक्सटेंशन्स में ही स्टोर कर रखी थीं – एक ऐसी प्रथा जिसे सुरक्षा विशेषज्ञ वर्षों से अत्यंत जोखिमपूर्ण मानते आए हैं।
कुल मिलाकर, 40 विभिन्न ऐड-ऑन्स की पहचान की गई, जिनमें सभी ने एक ही तरीके का इस्तेमाल किया। मिलाकर इनके 1.3 मिलियन से अधिक डाउनलोड हुए – एक चौंकाने वाला आंकड़ा जो दिखाता है कि उपयोगकर्ता कितनी आसानी से हानिरहित दिखने वाले टूल्स पर भरोसा कर लेते हैं। Mozilla ने Firefox ऐड-ऑन स्टोर से इन हानिकारक एक्सटेंशन्स (जैसे "Sports Score Live", "Weather Forecast" या "Crypto Tracker") को तो हटा दिया, मगर जिन लोगों ने उन्हें हटाए जाने से पहले इंस्टॉल कर लिया था, उनके लिए खतरा अभी भी मौजूद है।
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प्रभावित लोगों को क्या करना चाहिए
अगर आपने इनमें से किसी संक्रमित एक्सटेंशन को इंस्टॉल किया है, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
1. एक्सटेंशन को अनइंस्टॉल करें – भले ही मालवेयर पहले ही सक्रिय हो चुका हो।
2. अपने सभी वॉलेट सीक्रेट्स को असुरक्षित मान लें – भले ही एक्सटेंशन हटा दिया गया हो।
3. नए वॉलेट बनाएं और अपनी सीड फ्रेज/कीज़ को एक सुरक्षित, नए वॉलेट में ट्रांसफर करें।
4. लेन-देन पर नजर रखें: अपने वॉलेट एड्रेसेज़ में संदिग्ध गतिविधियों के लिए जांचें।
5. यदि पहले से नहीं किया है, तो 2FA (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) सक्रिय करें।
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क्यों ब्राउज़र एक्सटेंशन्स हैकर्स के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं
क्रिप्टो वॉलेट्स के कई डिज़ाइन में ही यह समस्या निहित है: कई उपयोगकर्ता अपने एक्सेस क्रेडेंशियल्स सीधे ब्राउज़र या एक्सटेंशन्स में स्टोर कर देते हैं – एक सुविधाजनक मगर बेहद जोखिमपूर्ण प्रथा। हैकर्स को इस कमजोरी का पता है और वे इसी का फायदा उठाते हैं। विशेष रूप से लोकप्रिय हैं:
- ब्राउज़र-आधारित वॉलेट्स (जैसे ब्राउज़र मोड में MetaMask)
- वॉलेट एकीकरण का दावा करने वाले एक्सटेंशन्स (जैसे "Crypto Dashboard")
- सीड फ्रेज मैनेजमेंट टूल्स
विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि वॉलेट सीक्रेट्स को कभी भी ब्राउज़र एक्सटेंशन्स या ब्राउज़र स्टोरेज में स्टोर नहीं करना चाहिए। बेहतर विकल्प हैं:
- हार्डवेयर वॉलेट्स (Ledger, Trezor) का उपयोग दीर्घकालिक स्टोरेज के लिए करें।
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